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पूर्वोत्तर सीमान्त रेलवे
2018-04-12 12:31पूर्वोत्तर सीमान्त रेलवे
पूर्वोत्तर सीमान्त रेलवे

पूर्वोत्तर सीमान्त रेलवे

पूर्वोत्तर सीमान्त रेलवे का इतिहास

पूर्वोत्तर सीमा (पू.सी./N.F)रेल का इतिहास भूतपूर्व असम रेलवे एवं ट्रेडिंग कंम्पनी,असम बंगाल रेलवे और ईस्टर्न बंगाल रेलवे से शुरू होता है।वर्तमान पूर्वोत्तर सीमा रेल के गठन में असम बंगाल रेलवे का बहुत बड़ा योगदान है।वर्ष 1884में मार्घर्मरिता में माकुम कोयला खानों तक असम रेलवे पी ट्रेडिंग कंपनी ने सर्व प्रथम रेलवे लाइन विछाया। कंपनी ने डिब्रू सादिया रेलवेके नाम से असम में प्रथम यात्री रेल प्रणाली की भी स्थापना की।

पूर्वोत्तर बंगाल रेलवे ने हल्दीबाड़ी-सिलीगुड़ी, बाररोई-किशनगंज,मनिहारी-कटिहार-कस्बा इन सेक्टरों का निर्माण किया तथा 1900 से पहले कुछ समय के लिए खोला। उन्होंने 1900-1911 की अवधि के दौरान हासीमारा-अलीपुरद्वार, गीतालदाह-बामनहाट, गोलकगंज-आयीनगांव, रंगिया-रंगापाड़ा एवं धुबड़ी नाम के अन्य सेक्शनों में नेटवर्क का विस्तार किया। असम रेलवे एवं ट्रेडिंग कंपनी,पूर्वोत्तर बंगाल रेल तथा असम बंगाल रेल जो बरक घाटी क्षेत्र में भी परिचालित था, जिसे द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान मिला दिया गया तथा जिसे बंगाल असम रेल के नाम से प्रसिद्ध हुआ।

अतः कुछ कंपनियों ने इन रेलों को अपनाया जिनके नाम हैः बंगाल डोउर्स रेलवे, जोरहाट प्रीविंसियल रेलवे, चापरमुख सिलाघाट रेल और काटाखाल लाल बाजार रेल इत्यादि को बंगाल असम रेल प्रणाली में मिला दिया गय। अगस्त 1947 में भारत के विभाजन के साथ, राजनीतिक सीमाओं के अनुसार बंगाल असम रेलवे दो भागों में बाटा गया जिसके कारण असम रेल का गठन हुआ जिसका मुख्यालय पांडु में हुआ। वर्ष 1948में भारत सरकार ने दार्जिलिंग हिमालयन रेल को अपने अधिकार में लिया तथा असम रेल में मिला दिया।

देश के विभाजन और पूर्व पाकिस्तान (अब बंगलादेश) के निर्माण के कारण शेष भारत से असम राज्य के साथ संपर्क बिल्कुल टूट गया। जनवरी, 1950 में असम रेल लिंक परियोजना के पूरा होने के साथ पुनः बहाल हुआ।

1953 में क्षेत्रीय रेलों के पुनर्गठन के दौरान असम रेलवे और अवध तिरहुत रेलवे को मिलाकर पूर्वोत्तर रेलका गठन किया गय। जिसका मुख्यालय गोरखपुर में बनाया गय।15 जनवरी,1958 में पूर्वोत्तर रेल के कुछ भाग को पृथक कर पू0सी0रेल का गठन किया गया.जिसका मुख्यालय देवी कामाख्या के वास-स्थल,नीलांचल पर्वत,की तलहटी में स्थित मालीगांव, गुवाहाटी में बनाया गया।

पूर्वोत्तर सीमा रेल भारत संघ के दस राज्यों जैसेः अरूणाचल प्रदेश, बिहार, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल की उत्कृष्ट सेवा कर रही है। इसके साथ ही यह रेल हिमालय स्थित नेपाल और भूटान के लिए रेल शीर्ष के रूप में भी कार्य करती है तथा बंगलादेश रेल के साथ अंतरबदल सुविधा भी प्रदान करती है।

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पूर्वोत्तर सीमान्त रेलवे का मुख्यालय : मालीगांव गुवाहाटी, असम।

पूर्वोत्तर सीमान्त रेलवे के मण्डल।

  • कटिहार, बिहार।
  • अलीपुरद्वार, पश्चिम बंगाल।
  • तिनसुकिया, असम।
  • रंगिया, असम।
  • लामडिंग, असम।
  • पूर्वोत्तर सीमान्त रेलवे
  • अलीपुरद्वार रेलवे डिवीजन
  • कटिहार रेलवे डिवीजन
  • लुमडिंग रेलवे डिवीजन
  • रंगिया रेलवे डिवीजन
  • तिनसुकिया रेलवे डिवीजन